भारत सरकार ने बुधवार, 22 अप्रैल को ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर अपने रुख को और सख्त करते हुए Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 के तहत नए नियमों को जारी कर दिया है। इन नियमों के अनुसार देश में किसी भी तरह के ऑनलाइन पैसे से जुड़े गेम (real-money gaming) को चलाए जाने की अनुमति नहीं होगी। ये नियम 1 मई से लागू होंगे। Survey Thank you for completing the survey! नए ढांचे के तहत केवल वे ऑनलाइन गेम चल सकेंगे जिनमें किसी भी तरह का पैसा शामिल नहीं होगा। हालांकि कुछ कैटेगरीज़ जैसे ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी रहेगा। साथ ही, पूरे सेक्टर की निगरानी के लिए एक नियामक प्राधिकरण (रेगुलेटरी अथॉरिटी) भी बनाया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सेक्रेटरी S. Krishnan ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ऑनलाइन ऑनलाइन मनी गेमिंग बैन है और इन्हें अधिनियम के तहत रजिस्टर या निर्धारित नहीं किया जा सकता है।,” और साथ ही यह भी जोड़ा कि नॉन-मनी गेमिंग कंपनियों के लिए सरकार ने “लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच” अपनाया है। नए ऑनलाइन गेमिंग नियम सरकार ने इस बार तुलनात्मक रूप से हल्का (लाइट रेगुलेशन) दृष्टिकोण अपनाया है। इसका मतलब यह है कि ज्यादातर सामान्य ऑनलाइन गेम्स को न तो अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी और न ही किसी विशेष अनुमति की। हालांकि, कुछ खास तरह के ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म या सरकार द्वारा पहचाने गए गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी किया जाएगा। इन नियमों के तहत यह भी तय किया जाएगा कि कौन-सा गेम रियल मनी वाला गेम माना जाएगा। अगर किसी गेम में पैसों का लेन-देन या कैश रिवॉर्ड शामिल है, तो उसे सरकार द्वारा जांच के दायरे में लाया जा सकता है। वहीं, कानून के तहत रियल मनी गेम्स पर बैन रहेगा। View this post on Instagram A post shared by Musab Zaman (@ig_blackbeard2op) यूज़र सेफ्टी पर खास ध्यान नए नियमों में यूज़र्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। गेम डेवलपर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर कई जरूरी फीचर्स लागू करने होंगे, जैसे एज वेरिफिकेशन, खेलने की समय सीमा, पैरेंटल कंट्रोल और शिकायत दर्ज करने की सुविधा। इसके साथ ही इन सभी सुरक्षा उपायों की जानकारी यूज़र्स को स्पष्ट रूप से देनी होगी। कंपनियों को शिकायत निवारण प्रणाली, निष्पक्ष खेल की निगरानी और यूज़र सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। इसका उद्देश्य खासकर बच्चों और टीन-एजर्स को सुरक्षित रखना है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया इन नियमों के पालन के लिए एक नई संस्था ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ बनाई जाएगी। यह संस्था सरकार के साथ मिलकर काम करेगी और रजिस्ट्रेशन, शिकायतों और नियमों के अनुपालन की निगरानी करेगी। यह अथॉरिटी गेम्स को अलग-अलग कैटेगरीज़ में बांटेगी और यह तय करेगी कि कौन-से गेम्स अनुमति देने लायक हैं और किन्हें बैन किया जाना चाहिए। साथ ही, यह संस्था बैंकों और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का काम करेगी। नियम और अनुपालन प्रक्रिया नए सिस्टम के तहत ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। मंजूरी मिलने के बाद उन्हें एक डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसकी वैलिडिटी 10 साल तक हो सकती है। सभी स्वीकृत प्लेटफॉर्म्स को अपनी जानकारी वेबसाइट या ऐप पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। कंपनियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली रखना भी जरूरी होगा। अगर यूज़र किसी जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह अथॉरिटी के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके बाद उच्च स्तर पर अपील करने का भी विकल्प उपलब्ध रहेगा। गेमिंग कंपनियों पर क्या होगा असर इन नए नियमों से गेमिंग इंडस्ट्री में स्पष्टता आने की उम्मीद है। कंपनियों को एक व्यवस्थित ढांचा मिलेगा, जबकि यूज़र्स को ज्यादा सुरक्षा और पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। सरकार ने सामान्य गेम्स पर ज्यादा सख्ती नहीं की है, जिससे इंडस्ट्री की ग्रोथ प्रभावित न हो। इसके अलावा, बैंकों को भी वित्तीय लेन-देन की निगरानी में शामिल किया जाएगा। अगर किसी गेम में अवैध पैसों के इस्तेमाल का पता चलता है, तो उससे जुड़े ट्रांजैक्शन को तुरंत रोका जा सकता है। यह भी पढ़ें: 3 घंटे 34 मिनट की Spy Thriller ने ओटीटी पर तोड़े सारे रिकॉर्ड, 3 महीने बाद भी टॉप 10 में कब्ज़ा, रेटिंग 8.3

भारत में Real-Money Online Gaming पर पूरी तरह बैन, 1 मई से लागू होंगे नए सख्त नियम
Faiza·Digit.in India··4 min read
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